A leading caste in Bihar & Jharkhand

How to women get financially independent?

नया कारोबार शुरू करने की खातिर सही प्लानिंग और सही फाइनेंस होना जरूरी है। लेकिन, जब महिलाओं के नए कारोबार शुरू करने की बात आती है तो उन्हें कारोबार के साथ घर-बार का भी ख्याल रखना पड़ता है। ऐसे में कारोबारी महिलाओं की खातिर बिजनेस प्लानिंग और फाइनेंस प्लानिंग दूसरों के मुकाबले थोड़ा अलग हो जाती है। तो महिलाएं कैसे शुरू करें कारोबार? कैसे करें नए कारोबार की प्लानिंग? और कारोबारी महिलाओं के लिए कैसी हो फाइनेंशियल प्लानिंग? आइये जानते हैं:

  1. कैसी हो फाइनेंशियल प्लानिंग?
    • कारोबार के साथ परिवार का वित्तीय खर्च भी देखें।
    • खर्च करने के साथ पैसे बचाने पर भी फोकस करें।
    • मनी डायरी रखें, इससे खर्च पर नजर रख पाएंगी।
    • क्रेडिट कार्ड का गैर-जरूरी इस्तेमाल करने से बचें।
    • कारोबार के साथ निजी खर्च में बैलेंस बनाएं।
  2. कैसे मिलेगा बिजनेस लोन?
    • बिजनेस लोन के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर जरूरी है।
    • समय पर बिल भरें, वित्तीय जिम्मेदारियों को निभाएं।
    • कारोबार के लिए अनसिक्योर्ड लोन लेने से बचें।
    • क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर लगाम लगाएं।
    • क्रेडिट स्कोर बेहतर करने पर फोकस करें।
  3. कहां मिलेगा बिजनेस लोन?
    • बैंक और NBFCs से बिजनेस लोन ले सकती हैं।
    • महिलाओं के लिए कई स्पेशल बिजनेस लोन स्कीम।
    • बैंकों की तरफ से दी जा रही हैं स्पेशल लोन स्कीम।
    • बैंक ऑफ बड़ौदा ने शुरू की ‘वैभव लक्ष्मी’ स्कीम।
    • विजया बैंक की ‘वी शक्ति’ भी है महिलाओं के लिए।
    • इन स्कीम में महिलाओं को मिलती है कई फायदे।
  4. खुद का ख्याल कैसे रखें?
    • कारोबार के साथ खुद का ख्याल रखना भी जरूरी।
    • खुद का ख्याल रखने के लिए इंश्योरेंस लेना अहम।
    • मेडिकल इंश्योरेंस के साथ लाइफ इंश्योरेंस भी लें।   
    • कारोबार पर ध्यान दें पर खुद का ख्याल भी रखें।
  5. इमरजेंसी फंड
    • कारोबार चाहे कोई भी हो, इसमें कुछ तय नहीं होता है।
    • अचानक खड़ी हुई जरूरत के लिए फंड होना जरूरी।
    • ऐसे में इमरजेंसी फंड बनाए रखना फायदेमंद होता है।
    • कारोबार की छोटी-बड़ी जरूरत के लिए नहीं है ये फंड।
    • ऐसे में फंड को कारोबार के लिए इस्तेमाल करने से बचें।
  6. रिटायरमेंट प्लानिंग
    • रिटायरमेंट प्लानिंग फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा।
    • रिटायरमेंट की सेविंग किसी भी हाल में कारोबार में न लगाएं।
    • कारोबार के बाद रिटायरमेंट के लिए निवेश निरंतर जारी रखें।
    • रिटायरमेंट व अन्य वित्तीय लक्ष्यों के लिए भी निवेश जारी रखें।
  7. खर्च रखें अलग-अलग
    • कारोबार और निजी खर्च, दोनों को ही अलग-अलग रखें।
    • पर्सनल और बिजनेस बैंक अकाउंट अलग रखना है सही।
    • बिजनेस के लिए फंडिंग के वक्त ये प्लानिंग आती है काम।
    • कारोबार- निजी जीवन अलग-अलग रखना प्रोफेशनल है।
  8. कहां निवेश करें?
    • आपको कारोबार से काफी अच्छा मुनाफा हुआ है।
    • बैंक में रखने की बजाय लिक्विड फंड में निवेश करें।
    • पारंपरिक योजनाओं के मुकाबले मिलेगा अच्छा रिटर्न।
    • निवेश से मिली एकस्ट्रा इनकम अन्य जरूरतों के लिए।
  9. कैसा हो पोर्टफोलियो?
    • अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना जरूरी।
    • इक्विटी, म्यूचुअल फंड, PPF में निवेश जरूर करें।
    • निवेश में विविधता जोखिम कम करने में मददगार।
    • पारंपरिक बचत योजनाओं में निवेश फायदेमंद नहीं।
  10. फाइनेंशियल प्लानर कितना जरूरी?
    • फाइनेंशियल प्लानिंग की खातिर प्लानर बेहद जरूरी।
    • लक्ष्यों की खातिर बेहतर प्लानिंग करने में करेगा मदद।
    • फाइनेंशियल प्लानर खर्च-निवेश को लेकर करेगा गाइड।
    • प्लानर की मदद से वित्तीय प्रबंधन करना होगा आसान।
Like to share it

Leave a Reply

 

Address

Bihar, Jharkhand, West Bengal, Delhi, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh, Haryana, Rajasthan, Gujrat, Punjab, India
Phone: +91 (987) 145-3656

Blog Subscribe

Cookies

About Cookies on this site:
Our site uses cookies and other technologies so that we can remember you and understand how you and other visitors use our site. To see a complete list of the companies that use these cookies and technologies and to tell us whether or not they can be used on your device, access our Cookie Consent Tool available on every page.