धनुर्धर जाति

Monthly archive for February 2016

सामाजिक उत्थान कैसे हो सकता है

सामाजिक उत्थान कैसे हो

सामाजिक उत्थान कैसे हो

सामाजिक उत्थान कैसे हो – धानुक समाज के अंदर विश्वास की सख्त कमी है जिसकी वजह से हमेशा हम आपसी बिखराव की कगार पर होते है। हमारे अंदर जो आत्मविश्वास की कमी है वह प्राकृतिक है। क्योंकि ऐसी प्रवृती किसी दूसरे समाज में नहीं पायी जाती है। दुसरो की बातो को जल्दी ग्रहण करना भी बड़ी खामी है, दूसरे के बहकावे में जल्दी आ जाना, जिसका नतीजा हम आज तक भुगत रहे है। हमारी एकता ही हमारा उद्धार कर सकती है। जब तक हम लाखो की संख्या में एक नहीं होंगे हमारे समाज की भलाई नहीं हो सकती है। हमे आपस में सामंजस्य बनाना होगा, हमारी आपस की सहमति भी जरुरी है, हमारे समाज के लोगो का विश्वास भी जरुरी है। मेरी चिंता इस बात को लेकर भी है हम कितने असहनशील है, की हमे किसी एक व्यक्ति का सन्देश सही नहीं लगता है तो हम एक दूसरे पर दोषारोपण से भी बाज नहीं आते है।

हमारे कुछ सवाल है अपने समाज के कर्ता-धर्ता से जो निम्नलिखित है:

  • क्या हम ऐसे समाज को आगे ला पाएंगे?
  • क्या हमारे समाज की समझ एक तरह की हो पायेगी?
  • क्या हम कभी एक हो पाएंगे?
  • क्या हमारी मानसिकता एक होगी समाज को आगे लाने के लिए?

इस बात को हमारे समाज के लिए समझना पड़ेगा जिस समाज में 80-90% लोग आज भी गरीबी रेखा से नीचे आते है तो थोड़ा ध्यान रखा जाये। हमे सबको साथ लेकर चलना है लेकिन बहुतायत की बातो का समर्थन करते हुए आगे बढ़ना होगा। बिना पैसे के कोई सामाजिक कार्य नही हो सकता है मानते है लेकिन हमे यह भी समझना होगा की हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग भी है जिनकी आर्थिक स्तिथि वैसी नहीं है। क्योंकि उनके मन में हीन भावना पैदा ना हो इसीलिए सबका सहयोग और साथ जरुरी है। जब जरुरत होगी तब जो भी मजबूत होंगे समाज से वही तो मदद करेंगे। जब तक हम साथ नहीं चलेंगे हमारी कमजोरी सबको झलकती रहेगी। समाज एक व्यक्ति के कहने से ना तो आगे बढ़ता है और ना ही उसका उद्धार संभव है। समाज सबको साथ रखने से बढ़ता है। पैसा तो एक सीढ़ी है लक्ष्य तक पहुँचने के लिए और समाज को थोड़ा समय दे और सबको योगदान देने का मौका दे तभी समाज का भला होगा। हर आदमी बड़ा ही होता है, हर आदमी का अपना अपना योगदान है समाज के लिए, लेकिन हम यहाँ अपने समाज के लोगो के लिए इकठ्ठा हुए है। उनका सम्मान करना सीखना होगा हमे। कहते है हम जैसा खाते है, जैसा पहनते है, जैसे समाज के साथ रहते है उसी की वाणी हम बोलते है, हम भी उसी समाज से आते है तो हमे उसके बारे में सोचना होगा।

 

आप लोगो के सहयोग से हम अपने इस लक्ष्य में कामयाब होंगे। आपलोगो से हाथ जोड़कर करबद्ध प्रार्थना है की हम और आप आपस में प्यार बढ़ाये और एक दूसरे के सुख दुःख में साथ दे। हमारा लक्ष्य आपस में समाज के अंदर प्यार और सहिष्णुता और एकता स्थापित करना है। आज जिस दौर से हम गुजर रहे है यह दौर काफी संवेदनशील और नाजुक है जहाँ से हम अपने समाज के युवाओ को यह समझाने का प्रयत्न करे की हमें इस समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर इस देश के विकाश में योगदान करना है। हमारा भी बराबर का हक़ बनता है और इस संविधान ने यह बराबर का हक़ दिया है जीने का और हमे संवैधानिक तौर पर आगे बढ़ना पड़ेगा। किसी भी संगठन की मजबूती और उसका असर तब व्यापक होता है जब आप संख्या बल के स्तर पर उसे ज़मीन तक लेकर जाए। हमे अपनी ज़मीन तैयार करनी है, हमे अपने निचले तबके के भाईओं को जागना है। हमारी बहुत सारी कमजोरियां है जिससे हमे रूबरू होना अतिआवश्यक है। जिसके बिना हम अपने समाज के उथ्थान के बारे में सोच भी नहीं सकते। 

जय धानुक, जय भारत।

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धानुक समाज की प्रकृति

धानुक समाज की प्रकृतिधानुक समाज की प्रकृति –  बिना समाज विकास के आप जीत की कामना नही कर सकते विकास ही नही और भी बहुत सारे मुद्दे है। अब वह दिन दुर नही जब बिहार मे भी पताका फहरायेगा धानुक समाज का, लेकिन अभी इसकी पहल कहा जाय तो बेमानी होगी हमारे अपने बिहार मे अपनी जाती के बहुत नेता हुए उन्होने धानुक जाती का नाम ले कर भवसागर पार कर ली परन्तु हमे सागर मे ही छोड़ दिया। जिसका परिणाम यह हुआ की आज हमे इतना संघर्ष करना पर रहा है मैं अभी भी कहना चाहता हूँ की इस लड़ाई को राजनिति की बली नही चढ़ने देगे इसका ध्यान रखना होगा। यह लड़ाई एक पारम्पपरिक लड़ाई है नेतृत्व की बात की जाये तो पहल कही ना कही से तो करनी होगी और जो भी पहल कर रहे है उन पर हमे विस्वास की डोर जमाये रखनी होगी चाहे नेतृत्व आप करे या हम। अपने बिहार मे ही अभी तीन संगठन काम कर रहा है लेकिन सबका उदेश्य एक ही है। लेकीन जब उनसे हमने बात की तो सब की अपनी राय है। सब एक दुसरे पर दोषारोपन ही कर रहे है क्या यह उचित है जब धारा एक है तो हम सभी विपरित धारा में क्यो बह रहे है, और इसका मुल कारण है आपसी विश्वास की कमी। इसीलिए मैं कहता हूँ पहले हमे एक दुसरे पर विस्वास करना सीखना होगा। हमारे अपने मे ही विस्वास की इतनी कमी है की चाह कर भी हम विस्वास का डोर नही थाम पा रहे है क्या कारण है हम इतने जलनशील है की यह ताप हमे या हमारे विस्वास को जलाने मे सक्षम है अभी इस मुद्दो पर बहुत सारे दोस्तो से बात हुई उनका इशारा बहुतो की ओर था, मैं नाम नही लेना चाहता हूँ हमने बहुत जाती के नेताओ को देखा है जो भी हमारे नेता है उससे भी ज्यादा गिरे हुए है पर क्या हम कभी उसकी आलोचना करते है या कभी उनकी जाती के ही लोग उसकी आलोचना करते देखा है आपने, तो नही और गलती से उनके नेता का उसके सामने आपने गलत कह दिया तो समझ लिजिये क्या से क्या होने का डर सताने लगेगा क्योकी वह कितने ही बुरे है पर वह उसके नेता है लेकीन हमारे साथ ऐसा नही होता है लोग तो विरोध करते ही है हम भी विरोध करने लगते है जिससे बसा बसाया समाज फिर एक होने के लिए तरसते रहते है हमे भी मन मे विस्वास लाना होगा की हम जिसके नेतृत्व मे चल रहे है वह हमारे लिए परम सार्थ है हमे कही सुनी बातो को भुलना होगा हमे जड़ की नही जमात की जरूरत है हमे टकराव नही दोस्ती की जरूरत है हमे अंह की नही अंह मिटाने की जरूरत है तभी हम कल्पना कर सकते है, इस समाज निर्माण का संयम रखते हुए।

 

कही पर एक मुद्दा चल रहा था की आरक्षण खत्म होना चाहिये मैं भी सहमत हूँ इस मुद्दे पर, लेकिन उस से पहले बहुत चीजों पर विचार किया जाये। क्या भारत मे सबको समानता का अधिकार मिला हुआ है? इस पर गौर करने वाली बात भी है आज भी भारत मे ऊँची जाती के लोगो का बोल बाला है वह उन कुर्सी पर बैठे है जहाँ से नीती तैयार होता है और भारत के गरीबो पर थोपा जाता पहले उसे खतम करे भारत मे समानता अधिकार के चलते सब ऊँची जाती और निचली जाती के बच्चे एक साथ वहाँ शिक्षा प्राप्त करे जहाँ अधिकांश बच्चे (सरकारी स्कुल) में शिक्षा ग्रहण करे तब आप कहे की आरक्षण गलत है वह नही हो सकता है क्योंकि आपके बच्चे प्राइवेट स्कुल में पढ़कर साहेब बन कर हुकूमत करेंगे हमारे बच्चे सरकारी स्कुल मे घिस घिस कर पढ़ने के बाद सब दिन गुलामी करेगे तो यह समानता बनाये, मैं भी आरक्षण की बात नही करुंगा जब यह संभव नही तो हमे मिलने वाला अधिकार देना होगा।

 

जिस बात को कभी जान अगर पाता हूँ तो प्रयास करता हूँ की कही से शिक्षा मिल जाये पर कुछ लोग नही अपना ज्ञान को ही वह सर्वोपरी मान बैठे है जिसका परिणाम यह हो रहा की वह तोड़ते ज्यादा है, जोड़ना भुल गये है वह अपना अधिकार दुसरो के लिए उपयोग करते है अपना ही अधिकार पाने मे शर्म महसुस कर रहे है क्या यह नैतिक सवाल हमे मिलने या आगे बढ़ने देगा मन क्षुब्ध हो जाता है क्या इसी के लिए हम आप इतना मेहनत करते है की हम संजोये और कुछ आ कर बिगाड़ दे हमारे गाँव के कुछ लोगो ने फोन किया भैया आप समाजीक चेतना की बात करते है और आपके ही ग्रुप मेम्बर ताना खिच रहे है इस लिए सब्र का बॉन्ध टुट गया सा लगता है। समाज की बातो को जोडने का कम, तोड़ने का ज्यादा चल रहा है। क्या इसी के लिए समाज निर्माण किया गया था की समाज को जगाया जाय। मैं पहले ही कहा था की समाज मे अनेको लोग है सभी की विचार धारा अलग हो सकती है पर भावना नही पर अपनी जाती का जो संस्कार है हम उससे अलग नही हो पाते है जलन और टांग खीचना क्या यही हमारी मानसिकता रह गई है।

 

आप अपनी भ्रमित सोच को निजी सोच मे तब्दील कर रहे है अगर आप कहते है फलां आदमी अपने निजी स्वार्थ के लिए यह काम कर रहा है और उसी सोच को आप हम सभी के बीच रख रहे है जो उचीत नही है पहले उन विरोधी भाई से भी आग्रह करूगा की हम नही जमीन पर आप ही अवाज तो उठाओ हम सभी आपके साथ है पर ऐसा नही आप सिर्फ एक शिगुफा छोड़ देना है की पहला आदमी आप को युज कर रहा है और हम अपने मे लड़ रहे है हमे सवाल नही समाज॒ से जुड़ना है। लगता है जैसे कुछ नही हो सकता इस समाज का यहा ज्ञानी तो पैदा होते है पर संस्कार पैदा नही हो रहा है क्यो इतना माथापच्ची करे। मैं यह कहना चाहता हूँ की जब हम सभी के इतना मेहनत करने के बाबजुद ये लोग इसी तरह उधम मचाये रखेंगे तो फिर समय क्यो बरबाद करूँ हम एक दुसरे के भावनाओ को समझ नही पा रहे हम एक दुसरे को शक की निगाहो से देख रहे है हम चाह कर भी आगे की राह पर गौर नही कर रहे है मन की शंका आने पर कही ना कही समाजिक द्वन्द की राजनिती कर रहे है यह हम सभी की परीक्षा की घड़ी है हम डिगे समझ लीजिये यह संघ डिगा, एक बात और जो भी हो रहा है उसमे कही कोई गलत नही है लेकिन उसे बार बार उजागर करगे तो उस जगह को तो कुछ नही होगा पर पर यह संघ कभी स्थापित नही हो पायेगा जरा अपने अंतर्मन से सोचिये। सच मानिये कुछ लोग ऐसी बाते कर अपना स्वार्थ साध रहे है इसलिए हमे एकजुटता का परिचय देना होगा हमे हर एक दुसरे के सुख दुख मे साथ देना होगा और यह जो कारवां चल रहा है बिना गतिरोध से चरम तक ले जाने की हम सब की पुर्ण जिम्मेदारी बनती है। अब फैसला करना है हम सभी को इसे आगे ले जाना है या आपसी मतभेद से इसे यहीं छोड़ना है।

 

हमे अपने पुर्ण ताकत का परिचय देना होगा हमे वह हर पहलू पर गौर करना हे जो समाज हित मे हो किसी भी छोटी से छोटी मीटिंग में भी उन सारे विषय पर चर्चा करना है। कैसे जनसमुह को तैयार किया जाय, कैसे संगठन को मजबुती प्रदान करना है, संगठन के लिए कैसे धन उपार्जन किया जाय, बाहर रह कर हम समाज को केसे संगठित कर पाये, बिहार मे होने वाले आन्दोलन को कैसे गति प्रदान क़ी जाय, इन सभी पर चर्चा करती रहनी पड़ेगी। हम किसी बात को यू ही ले लेते है और कभी कभी उसका अर्थ अपने तरीके से निक़ालते हे जो गलत हो जाता है भावना एक ही होता है पर शब्द अलग हो सकते है माना की हम अलग अलग है भावनाए अलग है पर इसे जोड़ कर नही रखगे तो हम कभी ताकतवर नही बन पायेगे।

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दिल्ली में धानुक समाज की बैठक

दिल्ली में धानुक समाज की बैठकआज दिल्ली में धानुक समाज की बैठक रखी गयी, जिसकी अध्यक्षता बिरेन्द्र मंडल जी, जो पुणे से आये हुए थे, उन्होंने की। जिसमे एक राय बानी की हमे अपने समाज के लोगो को आगे लाने के लिए हमे धानुक समाज को जगाना पड़ेगा और जब तक हमारा समाज जागरूक नहीं होगा हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इस बैठक धानुक समाज के हर वर्ग के लोगो ने अपनी सहभागिता दर्ज़ करायी। धानुक भाइयों की जागरूकता बधाई के पात्र है।

धानुक भाईओं की तरफ से कुछ सुझाव भी दिए गए जिनमे कुछ महत्वपूर्ण है। जितने भी धानुक भाईओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ करायी उनमे से सबका विचार सराहनीय और सकारात्मक था।
दिल्ली के मीटिंग में उपस्थित सदस्यों द्वारा एक मत से निम्नलिखित बातो पर जोर डालने की बात कही गयी:
1. समिति का गठन।
2. सामाजिक एकता कैसे बढे समाज के अंदर।
3. संगठन में ज्यादा से ज्यादा लोग कैसे जुड़े।
4. आर्थिक सहयोग की शुरुआत।
5. पिछले मीटिंग में किये गए कार्यों की समीक्षा।
बिहार प्रदेश अध्यक्ष का धन्यवाद करते है इस मीटिंग को समाप्त की गयी और आगे से इसी तरह की मीटिंग कर अपनी दिल्ली धानुक महासभा की संख्या बल बढ़ाने पर बल दिया गया।
धन्यवाद।
जय धानुक जय भारत।

 

नोट: बैठक की संक्षिप्त जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे ।

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ग्रुप बहुत हैं, संवाद कहाँ है? समाज का आत्ममंथनwww.dhanuk.com/social-groups-sarthak#धानुकसमाज #Dhanuk #dhanuksamaj #धानुक #धानुकजाति #धानुकसमाज ...
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लेख - १३ दिनांक: ०८ अक्टूबर २०२६शीर्षक: "पुस्तकालय आंदोलन ज्ञान तक सबकी पहुँच" मैं ऐसे लेख की श्रृंखला लेकर आ रहा हूँ जो 'धानुक समाज के नाम आत्ममंथन' के नाम से होगी। पढ़ने के लिए मुझे फॉलो करें। #शशिधरकुमार #धानुकजाति #धानुकसमाज #धानुक #Dhanuk #dhanuksamaj #धानुक_जाति ...
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www.youtube.com/watch?v=mhoKnAhIy4c🇮🇳 धानुक जाति Weekly Update | 27 सितंबर – 3 अक्टूबर 2026इस सप्ताह की महत्वपूर्ण खबरों में 2 अक्टूबर — गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती, शिक्षा, छात्रवृत्ति, OBC/EBC/DNT विद्यार्थियों के अवसर, युवा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। इस वीडियो में हम केवल खबरें नहीं बता रहे, बल्कि यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इन खबरों का धानुक जाति के विद्यार्थियों, युवाओं, नौकरी तलाशने वालों और परिवारों के लिए क्या अर्थ है।🇮🇳 इस सप्ताह के प्रमुख विषय🔹 2 अक्टूबर — गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंतीसत्य, अहिंसा, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मनिर्भरता के मूल्यों पर विशेष संदेश।🔹 NMMSS Scholarshipविद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और आवेदन की महत्वपूर्ण जानकारी।🔹 PM-YASASVIOBC, EBC और DNT विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से जुड़े अवसर।🔹 युवा और सामाजिक जागरूकतायुवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने से जुड़े प्रयास।🔹 Yuva Sangamयुवा सहभागिता, अनुभव और भारत के विभिन्न हिस्सों से जुड़ने के अवसर।🔹 रोजगार और आर्थिक स्वावलंबनसरकारी योजनाओं, कौशल, उद्यमिता और आर्थिक अवसरों से जुड़ी जानकारी।🔹 Job AlertSahitya Akademi, Railway और SSC से संबंधित महत्वपूर्ण भर्ती अपडेट।🎓 Student Cornerविद्यार्थियों के लिए इस सप्ताह की उपयोगी जानकारी और क्या कदम उठाना चाहिए।💡 Dhanuk Perspectiveकिसी भी सरकारी योजना या अवसर का लाभ लेने के लिए केवल Forward पर भरोसा न करें।Official Source पढ़ें, Eligibility समझें और समय सीमा से पहले आवेदन करें।✅ This Week's Action Pointइस सप्ताह कम-से-कम एक सरकारी योजना, छात्रवृत्ति या रोजगार अवसर की Official Notification स्वयं पढ़ें और परिवार/मित्रों तक सही जानकारी पहुंचाएं।📌 महत्वपूर्ण:इस वीडियो में दी गई जानकारी के साथ संबंधित स्रोतों को वीडियो में On-Screen Source के रूप में दिखाया गया है। किसी भी आवेदन से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/Notification अवश्य जांचें।Dhanuk Samaj का उद्देश्य:शिक्षा • जागरूकता • रोजगार • सामाजिक सुधार • आर्थिक स्वावलंबन📺 YouTube: DhanukSamaj🌐 Website: dhanuk.com#dhanuksamaj #धानुकजाति #dhanukweeklyupdate #OBC #Scholarship #jobs #GovernmentSchemes #youth #education #GandhiJayanti #ShastriJayanti #employment #Dhanuk ...
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*BREAKING NEWS

*RSS ने एक संगठन के तौर पर आज़ादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया - संगीत रागी*

*बाकी सत्य यही है कि श्यामा प्रसाद जी ने भारत छोड़ो आंदोलन को कुचलने के लिए पत्र लिखा था!*

*इसके बाद पत्रकार ने दलाल प्रोफेसर संगीत रागी का जबरदस्त उपचार कर डाला!*

*इतिहास गवाह है,

For All inbound arrivals to Delhi-DELHI airport has asked airlines to provide passenger manifests 48 hours in advance, sources said. The move obviously linked to protest against CEC #GyaneshKumar.

>ब्रो का नाम रामसाखेंद्र द्विवेदी है ,
>ब्रो की मप्र के मैहर जिले के ग्राम करही स्कूल में पोस्टिंग हुई हैं ,
>ब्रो अब यहां के नए प्रधानाध्यापक है ,
>ब्रो प्रिंसिपल ऑफिस को पानी से पवित्र कर रहे हैं ,
>ब्रो ऐसा इसलिए कर रहे है क्योंकि यहां पहले दलित शिक्षिका पदस्थ रही है,
>ब्रो

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