धनुर्धर जाति

धानुक समाज का गुरुग्राम में बैठक

धानुक समाज का गुरुग्राम में बैठकदिनांक ३ सितम्बर २०१७ को धानुक समाज का गुरुग्राम में बैठक रखी गयी थी जिसमे अखिल भारतीय धानुक उत्थान महासंघ बिहार प्रदेश के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र मंडल जी भी शामिल हुए और सभा को संबोधित किया और बताया की क्यों हमें एकजुट होने की जरुरत है।

 

कुछ सवाल भी पूछे गए की क्यों धानुक को एकजुट होने के आवश्यकता है और क्यों नहीं हो पा रहे है हम अभी तक क्या क्या कर पा रहे है समाज की एकजुटता के लिए और इसके अलावा हमारा समाज को योगदान क्या क्या है?

 

उमानाथ मंडल जी जो मधुबनी से आये थे उन्होंने बल देकर कहा की हमें एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कुछ उदहारण भी पेश किये जो मधुबनी से ही सम्बंधित था और कहा की वे ऐसा तभी कर पाए जब वे एकजुटता प्रदर्शित कर पाए। अगर उनके अन्दर बिखराव होता तो शायद वे यह नहीं कर पाते। उन्होंने ऐसे अनेको उदाहरण बताये जिससे धानुको के अन्दर एकजुटता साबित करती है। तो वे लगातार कोशिश कर रहे है समाज में एकजुटता लाने की और लोगो को यह बताने की उन्होंने एकजुट होने की आवश्यकता है और हम सबको इस प्रयास में अपना अपना योगदान देना आवश्यक है।

 

कुछ और वक्ताओं ने अपनी अपनी बात रखी जिसमे प्रमुखता से इस बात पर विशेष बल दिया गया की हमारी एकता ही हमारी पहचान है। हमारे समाज में शिक्षा का घोर आभाव है जिसको दूर करने के निरंतर प्रयास करते रहने होंगे और यह एक अकेले के बस की बात नहीं है और हम सबको इकठ्ठा होकर इसमें भागिदार बनना होगा। तभी सम्भव है किसी भी समाज का उत्थान। इस बात पर भी जोड़ दिया गया की हमारे समाज के प्रबुधजनो को समाज में व्याप्त अनेको विषंगतियो को दूर करने के प्रयास करने चाहिए जैसे दहेज़ प्रथा, कम उम्र में शादी, बाल मजदूरी, बीच में पढाई छोड़ देना, लडकियों को लडको के समान अधिकार ना देना, लड़कियों को लडको के समांतर शिक्षा में भागीदार नहीं बनाना। dhanukshaadi.com के माध्यम से विवाह योग्य लड़के लड़कियों को एक प्लेटफ़ॉर्म देना एक सराहनीय कदम है जिससे हमें समाज में दहेज़ मुक्त विवाह को प्रोत्साहन देने में सहायता प्राप्त होगी। dhanukshaadi.com का प्रचार प्रसार गाँव से लेकर शहर तक करना होगा ताकि लोग इसके बारे में जान सके और कुछ लोगो को इससे सहायता प्राप्त हो सके। दिल्ली और राष्ट्रीय क्षेत्र के सभी धानुको को एक प्लेटफार्म की आवश्यकता है ताकि वे अपनी अपनी समस्याओ को लेकर जागरूक हो सके और एक दुसरे की सहायता कर सके।

 

शैलेन्द्र मंडल जी ने समाज को संबोधित करते हुए कहा की समाज में सामाजिक क्रांति जरुरी होता है एकजुटता के लिए और उसकी के फलस्वरूप हमने २३ अगस्त २०१७ को शहीद दिवस के मौके पर देख लिया। जिस तरीके से देश और विदेश के अलग अलग हिस्से में धानुक समाज ने अमर शहीद रामफल मंडल का मनाया है वह अब दिन दूर नहीं की हम अपने आप को एक धानुक कहते हुए गौरव्नवित होंगे। हमारी जाती से भी दो महान विभूति हुए है जिनको दुनिया ने सलाम किया है लेकिन कही ना कही हमारी आपस में एकजुटता नहीं होने की वजह से उन्हें सामाजिक तौर पर वह मान्यत नहीं मिली। फणीश्वर नाथ रेणु जी को पदम् श्री मिलने की वजह से कुछ हद तक लोगो ने माना है लेकिन अमर शहीद रामफल मंडल वर्तमान बिहार के पहले बिहारी धानुक है जिन्होंने १९४२ के स्वंतंत्रता संग्राम में अपना बलिदान दिया है। हम यहाँ जाती विशेष की बात नहीं करेंगे लेकिन जितने भी शहीदों का नाम हम जानते है सबने अपना अपना योगदान दिया है भारतीय स्वंतंत्रता संग्राम में तो हमारे समुदाय से शहीद रामफल मंडल जी के बारे में कही कोई जानकारी सार्वजानिक रूप से उप्लब्ध नहीं है। इसीलिए हम सबको आगे आना होगा तभी हम उन्हें वो स्थान दिला पाएंगे जिनके वे हक्दार है। सांस्कृतिक क्रांति से पूरा समाज समृध होता है पैसे से एक या दो पीढ़ी का सुधार हो सकता है लेकिन सामाजिक और सांस्कृतिक क्रांति से पूरा समाज समृध होता है और हमें उसी को ध्यान रखकर आगे बढ़ना होगा।

 

इसीलिए हम आप सभी से आग्रह करते है की आप सभी जहाँ भी जैसे है किसी ना किसी तरह से समाज को समृध बनाने में अपना अपना योगदान अवश्य करे।

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