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अमर शहीद रामफल मंडल जी का शहादत समारोह कार्यक्रम 2019

विगत सालों की तरह इस साल भी २३ अगस्त से २५ अगस्त तक शहादत दिवस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सहित देश के अलग अलग हिस्सों के साथ साध विदेशो में भी मनाया गया जैसे मुंबई, बंगलौर, सिलवासा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, श्रीगंगानगर, सूरत, राजनगर, सुपौल, मुंगेर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर, सिवान, गुवाहाटी, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, पटना, मोकामा, मुंगेर, लखीसराय तथा नेपाल के अलग अलग शहरो में भी अमर शहीद रामफल मंडल जी का शहदात समारोह मनाया गया और इन आयोजनों को लोगो को जागरूक करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में अहम् कदम माना जायेगा। मुख्य आयोजन बाजपट्टी, सीतामढ़ी के मथुरापुर में ही शहीद मेला सह शहादत समारोह का आयोजन कर समाज के प्रबुद्ध जनो द्वारा शहीदों को श्रधा सुमन अर्पित किया गया। जिसमे सभी गणमान्य अतिथियों ने अपनी-अपनी बात रखी। पुरे भारतवर्ष से जिन भी प्रबुद्ध जनों ने भी अपनी बात रखी सबने कुछ मुख्य मुद्दों पर जोड़ दिया की सामाजिक और आर्थिक उत्थान के बिना समाज का हित नहीं हो सकता है इसीलिए सभी अपने अपने स्तर पर समाजिक हितो के ऊपर काम करे और लोगो को सामाजिक हितो के बारे में जागरूक करे। दो तबको के बीच में समाज के अन्दर गहरी खाई है, एक तबका शिक्षित है तो दूसरा अशिक्षित, एक तबका पैसे वाला है तो दूसरा तबका निहायत ही गरीबी में जीवन जीने को मजबूर है, तो हमें इस खाई को पाटने की कोशिश करनी चाहिए और यह दोनों तरफ से लगातार कोशिश करते रहने से होगा। शिक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिससे इस खाई को भरा जा सकता है इसीलिए सभी लोगो ने शिक्षा पर जोर देकर कहा कि हमारे समाज की शैक्षणिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हमारी यह हालत है तो हमें शिक्षा की ओर ध्यान देकर इस समाज के लोगो को शैक्षणिक स्तर पर उठाने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें सबसे बड़ी भूमिका युवाओं की है जो अधिक से अधिक संख्या में इस मुहीम से जुड़कर ही इसको सफल बना सकते है। हमारे समाज में शिक्षा एक सबसे बड़ी समस्या है जबतक हम इस मुद्दे पर इमानदारी से काम नहीं करते है तबतक समाज आगे नहीं बढ़ सकता है। समाज में शिक्षा की भारी कमी है जिसमे हम अभी तक अपने सफलता से आगे नहीं बढ़ा पाए, जिसकी सख्त जरुरत है। शिक्षा ही एक ऐसा जरिया है जो हमें अपना स्थान समाज के अग्र पंक्ति में दिला सकता है। शिक्षा के बिना हमारे समाज का स्थान चिन्हित नहीं किया जा सकता है। उसको चिन्हित करने के लिए हमें शिक्षा पर जोड़ देना जरूरी है। हमे सबको साथ लेकर चलना है। हम और आप आपस में प्यार बढ़ाये और एक दूसरे के साथ खड़े रहे। हमारा लक्ष्य आपस में समाज के अंदर प्यार और सहिष्णुता और एकता स्थापित करना होगा। किसी भी समाज की मजबूती और उसका असर तब व्यापक होता है जब आप उसके संख्या बल को ज़मीन तक लेकर जाए। हमे अपने निचले स्तर पर रह रहे भाइयो में लगातार जागरूकता लाने का प्रयास करते रहना चाहिए। धन्यवाद।
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